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डर लगता है
डर लगता है
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© Rajit ram Ranjan

Drama

1 Minutes   1.0K    3


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डर लगता है,

उन सपनों से,

डर लगता है,

अपनों से।


कभी-कभी दिल,

खुश हो जाता है,

ये सोच कर,

कि सब अपने हैं।


मगर जब आखें,

खुलती है तो,

अपना कुछ भी,

नहीं होता है।


डर लगता है,

उन सपनों से,

डर लगता है,

अपनों से।

poem fear people dream

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