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कुछ एहसास हुआ
कुछ एहसास हुआ
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© Raman Sharma

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पहली बार मुस्करा रहा था,
और आँसूओं से मिला दिया !
प्यार किया था तुमसे,
सामान की तरह ठुकरा दिया !
मेरा प्यार से भरा दिल,
काँच की तरह तोड़ दिया !
ख़ुशियों की तमन्ना थी ,
तोहफ़े में ग़म दे दिया !
और के संग उडान भर ली ,
और मुझे रुला दिया ,!

हसरत न  रही फिर
तुमसे प्यार करने की ,
काम इतना ख़ास जो तुमने कर दिया !
धीरे –धीरे वक़्त  गुज़र गया ,
हमें भी एहसास हो गया !
हालात बदले बदले से हैं ,
अँधेरे में जुगनू से हैं !
क्या ज़रुरत रही अब  
तुम्हें सखी बनाने की !
दोस्त जो हमारे साथ हैं अब भी ,
साथ है  मेरे, उनकी दुआऐं भी  II

 

 

 

पहली बार मुस्करा रहा था
और आँसूओं से मिला दिया ,
प्यार किया था तुमसे


सामान की तरह ठुकरा दिया ,
मेरा प्यार से भरा दिल
काँच की तरह तोड़ दिया ।
ख़ुशियों की तमन्ना थी
तोहफे में ग़म दे दिया ,
और के संग उड़ान भर ली
और मुझे रुला दिया ,
फिर क्या हसरत रही
तुमसे प्यार करने की
काम जो इतना ख़ास कर दिया ,
धीरे धीरे वक़्त गुज़र गया
हमें भी एहसास हो गया ,
हालात बदले बदले से हैं
अँधेरे में जुगनू से हैं ,
क्या ज़रुरत है हमें ,
फिर तुम्हें सखी बनाने की
दोस्त जो हमारे साथ हैं
लोगों की दुआऐं हमारे साथ हैं

 

raman sharma

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