Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
मुझे साथ तुम्हारा चाहिए
मुझे साथ तुम्हारा चाहिए
★★★★★

© Ranjit Tiwari

Others

1 Minutes   1.2K    1


Content Ranking

रात की मदहोशी भरी आगोश से जब मैं जगूँ
और, इंतजार में पलकें तुम्हारी राह निहारे
तो, दिल की प्याली में चाय प्यार की मिठास भरी-
जो पास मेरे लावे, वो हाथ तुम्हारा चाहिए
मुझे साथ तुम्हारा चाहिए

उषा संग दिनकर के-
किरण बिखेरती सतरंगी
जॉगिंग कर माथे पे बूंदें लेकर
शबनम सी छोटी-छोटी
पट खुलते ही - निगाहें जो देखे-
वो खिलता चेहरा तुम्हारा चाहिए
मुझे साथ तुम्हारा चाहिए

दिनभर की काम से जंग
और, संध्या थकन के संग
गले की टाई करके ढीली
खोकर अपने श्रम की उमंग
कदम जो थकते रखूँ...
...और' चहकते जो खुले दरवाजे

वो मुस्कान तुम्हारा चाहिए
वो मुस्कान - जो लौटा दे उमंग
खुशियों के साथ खिलते रंग
वो रंग तुम्हारा चाहिए
मुझे संग तुम्हारा चाहिए
मुझे साथ तुम्हारा चाहिए...|

 

 

कविता हिंदी कविता दाम्पत्य

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..