Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
अंतर्मन
अंतर्मन
★★★★★

© Naras Inam

Inspirational

1 Minutes   13.8K    6


Content Ranking

घनघोर अंधेरा छाए जब

कोई राह नज़र ना आए जब

कोई तुमको फिर बहकाए जब

इस बात पे थोड़ी देर तलक

तुम आँखें अपनी बंद करना

और अंतर्मन की सुन लेना

मुमकिन है हम - तुम झूठ कहें

पर अंतर्मन सच बोलेगा !


जब लम्हा - लम्हा 'आरी' हो

और ग़म खुशियों पे भारी हो

दिल मुश्किल में जब पड़ जाए

कोई तीर सोच का 'अड़' जाए

तुम आँखें अपनी बंद करना

और अंतर्मन की सुन लेना

मुमकिन है हम - तुम झूठ कहें

पर अंतर्मन सच बोलेगा !


जब सच - झूठ में फर्क ना हो

जब गलत - सही में घिर जाओ

तुम नज़र में अपनी गिर जाओ

इस बात पे थोड़ी देर तलक

तुम आँखें अपनी बंद करना

और अंतर्मन की सुन लेना

मुमकिन है हम - तुम झूठ कहें

पर अंतर्मन सच बोलेगा !


ये जीवन एक छाया है

दुख, दर्द, मुसीबत माया है

दुनिया की भीड़ में खोने लगो

तुम खुद से दूर होने लगो

तुम आँखें अपनी बंद करना

और अंतर्मन की सुन लेना

मुमकिन है हम - तुम झूठ कहें

पर अंतर्मन सच बोलेगा !

Conscience Life Lessons

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..