Sonam Kewat

Classics


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अलविदा

अलविदा

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बोल रही थी वो कोई मजबूरी है

दूर जाना अब बहुत जरूरी है

कैसे कहें तुझे कि ऐसे मत जा,

दूर जाना हमसे सहा नहीं जाता

तेरे बिना हमसे रहा नहीं जाता।


तू तलब है मेरी इस कदर कि

हमें मंजूर नहीं तेरा ये अलविदा हैं।

जरा मिलने आओं हमसे कभी

बताएंगे किस कदर हम फिदा हैं।


गम हमें भी था अलविदा कहने का

उनकी खुशी के लिए सब वार दिया

खूब रोयीं उस दिन वो मुझे छोड़ कर

उसके दर्द ने अंदर ही अंदर मार दिया।


तू हमसे दूर होकर भी सलामत रहे

इससे ज्यादा और क्या हम कहें

चल तू भी कह दे अभी अलविदा

अब मेरे पास इतना वक्त नहीं है।

दूर जाते हुए देख सकें तुझे

हम तो इतने भी सख्त नहीं है।


कोई खुशी अब सच्ची नहीं लगती

बिना तेरे जिंदगी अच्छी नहीं लगती।

अब कयामत आनेवाली है मेरी

आज ही मुझसे विदा ले लो

मौत का बुलावा है शायद

कहा तुम भी अलविदा ले लो।


जिंदगी ने कहा उस दिन कुछ ऐसा

एक ही बार तो मिलती हूँ मैं

बेमतलब ना मुझे तू बर्बाद कर

कितनी खूबसूरत है जिंदगी।

जरा ये भी तो याद कर


दिल से आवाज आई फिर

अब जो गया उसे जाने दे

तेरा है तो वापस आना होगा।

या फिर भूल जा उसे क्योंकि

जीने का फिर नया बहाना होगा


लो कह दिया उसे दिल से अलविदा

जिसके जाने का मुझे खौफ था।

अब ना होगा डर उसे खोने का

क्योंकि जाने का उसे शौक था।


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