Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Bhavna Thaker

Others

2  

Bhavna Thaker

Others

यादों का सफ़र

यादों का सफ़र

1 min
306


यादों की तेज़ धूप की शाख पे बैठे

तन्हाई को शेका है मैंने 

इंतज़ार की आँच बड़ी बेतूकी निकली 

जलाए जा रही #है


नींद में डूबी महकती आँखों पर 

रख गए तुम अपने यादों की बस्ती  

उफ्फ़ तुम्हारी बादामी आँखें

जो ठहरी रहती थी हंमेशा मेरे रुख़सार पर


चाँद के चेहरे में नज़र आती है आज

देखो खिड़की से झाँकता चाँद 

उपहास की अटखेलीयों पे उतर आया


लो मैं फिर से रो पड़ी 

तुम्हारी ऊँगली के पोरे को #याद किया 

जो हंमेशा 

मेरी लट को सँवारने में उलझी रहती थी 


तुम ठहर जाओ ना मेरी रूह के अंदर 

यूँ कब तक यादों का #सफ़र करती रहूँ।



Rate this content
Log in