Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
एहसास
एहसास
★★★★★

© Upama Darshan

Drama

1 Minutes   1.2K    5


Content Ranking

भौतिकता के इस युग में यह कैसा विकास है

जज़्बात गुम हो गए बस रिश्तों का एहसास है

डिजिटल क्रांति ने दूरियों को मिटा दिया

पर करीबी रिश्तों में फ़ासला है ला दिया


सोशल मीडिया पर खुशियों के पल कैद हैं

निजी जिंदगी में भले आपस में मतभेद हैं

आई फ़ोन, लेटैस्ट गजेट्स, सात अंकों में आय

आज यही बन गए हैं प्रतिष्ठा के पर्याय

दुधमुंही बच्ची के लिए समय नहीं माँ के पास

नन्ही दिन भर करती है माँ की गोद की आस

स्कूल से लौटे बच्चे का ताला स्वागत करता है

घर के सूनेपन को वह टी वी से भरता है


व्हाट्सप्प के जरिये जाने कितनों से सब जुड़े हैं

पर घर पर सब के चेहरे मोबाइल पर गड़े हैं

फोटो हजारों खींचते हैं पर देखने का समय नहीं

बाहर हँसते बोलते घर पर किसी को फ़ुर्सत नहीं


पर्सनल स्पेस का कन्सैप्ट है जब से आ गया

लोगों के बीच आपस में दीवार सा उठा

विकास की बुलंदियों को आज हमने छू

पलटकर देखा नहीं क्या कुछ हमने खो दिया !



Social media Whatsapp Problems

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..