Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
चाहत
चाहत
★★★★★

© Ritu Bhanot

Others

1 Minutes   13.9K    6


Content Ranking

गुज़रे हुए कल के सदाबहार रिश्ते
बरसों की धूल में लिपटे,
पहचान के बचे-खुचे सूत्रों को
दरकिनार कर,
नजरें चुराते,
दामन बचाते,
अतीत हो गए।
हाथों की लकीरों में सिमटे
जाने-अनजाने चेहरों से
एकांत चुराकर
तुम्हें तुमसे भी छुपाकर,
शाम के धुंधलके में,
प्रेम की लौ-लगन से,
मन की सूनी बारादरी में
अावारा मुसाफिर-सी भटकती,
तेरी यादों को गलबहियां डाल
आज एक बार फिर
तुमको जिया है मैंने।

#poetry #hindipoetry

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..