Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
उसकी याद में
उसकी याद में
★★★★★

© Abhinav Kumar

Drama

1 Minutes   16.1K    141


Content Ranking

कल शाम,

दोस्तों से मिला,

उसकी भी बातें,

चल निकली,

तरस आया मुझे,

उसके हालात पर ।


सुना के वो आजकल,

शर्मसार,

बेज़ार और,

बीमार-सी है,

अपने अस्तित्व पर,

पछताती हुई ।


उस पर हुए,

सितम का,

कोई हिसाब नहीं देता ।


मैं भी अब बस,

उससे नज़रें ही,

चुरा सकता हूँ,

उससे कुर्बत, रखने की,

अब मुझे, फुर्सत नहीं ।


हम दोनों ही,

मज़बूर हैं,

यही परिणति है,

मैं हूँ एक,

आम आदमी,

उसका नाम,

राजनीति है ।

poem politics common people

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..