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इंसानियत
इंसानियत
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© Shailaja Bhattad

Drama

1 Minutes   13.7K    7


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तू हिंदू मै मुसलमान,

मैं सिख तू ईसा का मेहमान

बस इन चार शब्दों में ,

उलझ कर खो गया इंसान।।


जानवरों से बड़ा ,

कोई वफ़ादार नहीं

और इंसानों से बड़ा,

कोई दगाबाज़ नहीं।

क्योंकि जानवरों ने,

जानवरपन छोड़ा नहीं

और इंसानों ने

इंसानियत को पकड़ा नहीं !

Humanity Life Religion

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