Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
मृत्यु
मृत्यु
★★★★★

© Kamal Kishore

Abstract

1 Minutes   13.7K    9


Content Ranking

मृत्यु तुम क्यों नही आते 

क्यों आकर मुझे गले नही लगाते 

आकर मुझे बाहों में समा लो 

मेरे ग़म खुद में मिला लो 

तुम अनवरत बहते हो 

जीवन के हर पल में रहते हो 

असत्य के इस संसार में  

बस तुम ही तो सत्य कहते हो 

मैंने भी वास्तविकता जान ली 

भरम को ठुकरा दिया 

आकर मुझे शांति दो 

मैंने भी तुम्हे अपना लिया

सदियां कितनी बीत गई

पर वक्त हमेशा यही दोहराता है

जीवन कष्टों से घिरा व्यक्ति

सिर्फ तुम्हारी शरण मे मुक्ति पाता है।

गले शांति सदियां

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..