Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
उजास
उजास
★★★★★

© दयाल शरण

Drama Inspirational

1 Minutes   6.7K    11


Content Ranking

अंगुलियां साथ दें,

इक दूजे का तो,

तस्वीर बदल जाती है,

अंगुलियां साथ ना दें।


इक दूजे का तो भी,

तस्वीर बदल जाती है,

दोनों हालात में,

इतिहास नया बनता है।


एक दरो दीवार को,

मजबूत घर बनाता है,

दूजा मजबूत घर को,

सिर्फ दरो दीवार,

बना देता है।


यह सही है की ताकत,

सेहत बढ़ाने से बढ़ती है,

यह भी सही है की,

घर का हर इंसान यदि,

हाथ बढ़ाए तो,

ताकत बनती है।


फर्क है इन दोनों में,

केवल इतना,

इक खुद में अहं,

तो दूसरी खुद में,

अहं नहीं बनाती है।


फर्क है इनमें इतना,

तो आँखों को भी,

दिखाओ तो सही,

कल जिसे मान चुका है।


वक्त के साथ

उसे अपनाओ तो सही

फिर बदल जाना

अगर कमजोर-सा।


महसूस करो,

बूढ़े माँ-बाप हैं,

बहने हैं, भाई हैं,

तुम भी आकर इसे-


घर बना जाओ तो सही,

इस दिवाली में,

कोई जाला बचा ना रह जाए,

हो सके तो रिश्तों में,

नई उजास जगाओ तो सही।

दीवाली उजास परिवार प्रेम घर इंसान साथ समाज

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post


Some text some message..