Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
बचपन का एहसास
बचपन का एहसास
★★★★★

© Imtyaz Indian

Children Drama

1 Minutes   7.1K    5


Content Ranking

जब बचपन था,

तो जवानी एक सपना था,

जब जवान हुए,

तो बचपन एक ज़माना था ।


जब घर में रहते थे,

आज़ादी अच्छी लगती थी,

आज आज़ादी है,

फिर भी घर जाने की,

जल्दी रहती है ।


कभी होटल में जाना पिज़्ज़ा,

बर्गर खाना पसंद था,

आज घर पर आना और,

माँ के हाथ का खाना पसंद है ।


स्कूल में जिनके साथ,

झगड़ते थे,

आज उनको ही,

इंटरनेट, वाट्सप व.

फेसबुक पे तलाशते है ।


ख़ुशी किसमे होतीं है,

ये पता अब चला है,

बचपन क्या था,

इसका एहसास अब हुआ है ।


काश बदल सकते हम,

ज़िंदगी के कुछ साल,

काश जी सकते हम,

ज़िंदगी फिर एक बार ।

poem childhood life journey

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..