Khushi Singh

Romance


4.5  

Khushi Singh

Romance


वो पहली मुलाकात

वो पहली मुलाकात

7 mins 201 7 mins 201

उसने खिड़की से बाहर देखा,तो मौसम काफी रंगीन दिख रहा था, आसमां में लाली बिखरी थीं।मंद मंद हवायें भी जैसे कुछ गुनगुना रही थीं, ऐसा लग रहा था मानो किसी को छूकर आई है उसकी खुशबू से जैसे ये हवाएं सराबोर थी। हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो चुकी थी वह अपने हाथों को खिड़की से बाहर निकाल कर उन्हें छूने की कोशिश करने लगी तभी अचानक तेज हवा का झोंका आया,और उसके साथ आई कुछ बारिश की बूंदे हवा के झोंके से रिया के चेहरे से टकरा गई और उसके बदन में सरसराहट से फैल गई।

 अचानक उसे याद आया कॉलेज का वो पहला दिन जब वो अपनी सहेली आन्या के साथ कॉलेज पहुंची थी,कॉलेज में कदम रखते ही अचानक बारिश होने लगी और वो दोनों तेज कदमों से कॉलेज की ओर भागते हुए कहने लगी इस बारिश को भी अभी आना था?? तभी उन्होंने देखा आसपास खड़े लड़के लड़कियां रिया और आन्या को देख कर हंस रहे थे तो वे सोच में पड़ गई कि आखिर हुआ क्या है तभी अचानक उनका ध्यान गेट की तरफ गया जहां कुछ सीनियर छात्र,अन्य छात्रों की रैगिंग कर रहे थे, तो उन पर बारिश होना भी उसी रैगिंग का एक हिस्सा था।

रिया गुस्से से पैर पटकती हुई ऑफिस पहुंची और सारी बात एक प्रोफेसर सर को बताकर रैगिंग कर रहे बच्चों के खिलाफ कोई कार्यवाही करने का निवेदन किया।

प्रोफ़ेसर ने रिया को आश्वस्त किया कि वह उन बच्चों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई करेंगे यह सुनकर रिया को काफी सुकून सा मिला।आन्या,रिया को समझाती रही की क्या जरूरत है मगर रिया नहीं मानी अगले दिन रिया लाइब्रेरी में बैठी कुछ पढ़ रही थी तभी कुछ लड़के उसके टेबल के आगे आकर खड़े हो गए और कहने लगेबड़ी बहादुर हो तुम आते ही शिकायत लगानी शुरू कर दी, मगर अफसोस कोई फायदा नहीं हुआ तुम्हारी शिकायत का!

 और वो सब जोर - जोर से हंसने लगे,वो दरवाजे की तरफ बढ़ने लगे तभी एक लड़का मुड़ा और रिया की तरफ देखकर बोला - पहले गलती थी इसलिए छोड़ दिया, आइंदा हमारे रास्ते में आने की गलती मत दोहराना।रिया बहादुर थी मगर सहम गई थी, उसकी आंखों में आंसू थे वह उठी और कॉलेज बीच में ही छोड़कर घर वापस आ गई।

इसके बाद वो कुछ दिन कॉलेज नहीं गई,आन्या के फोन का जवाब भी नहीं दिया तो थक कर आन्या को उसके घर ही आना पड़ाआन्या आते ही रिया को डांटते हुए कहने लगी इस तरह कॉलेज से छुट्टी करके परेशानियां खत्म नहीं हो जाएंगी।इस तरह आन्या के ताने मारने पर रिया को भी महसूस हुआ कि ऐसे कॉलेज ना जाने से उसकी अपनी पढ़ाई पर असर पड़ेगा।बाकी किसी का कुछ नहीं बिगड़ेगा

 यह सोचकर उसने आन्या को कल से कॉलेज आने की हामी भर दी। अगले दिन बेमन से कॉलेज पहुंची और मन ही मन तय किया कि अब सिर्फ पढ़ाई करनी है और किसी तरह की प्रॉब्लम में नहीं फंसना है,आन्या की तबीयत सही ना होने के कारण वह कॉलेज नहीं आ पाई थी,आन्या के बिना उसे अच्छा नहीं लग रहा था कुछ वक़्त क्लासेज लेने के बाद वह अपने रूम से बाहर निकल आईं और खाली पड़े एक क्लास रूम में खिड़की के पास बैठ गई और बाहर देखने लगी इतने में कुछ लड़के जो उधर से गुजरे रिया को अकेला पाकर उसके पास आ गए और उसके सामने रखी टेबल पर बैठ गए।

उस ये सब अच्छा नहीं लग रहा था,वो उठकर जाने लगी,तभी उनमें से एक लड़के ने रिया का हाथ पकड़कर उसे फिर से वही बैठा दिया।वो चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही थी तभी अपनी सरी ताक़त इकट्ठा करके जोर से चिल्लाई -- चले जाओ। तभी रूम में वही लड़का आता दिखाई देता है जो उस दिन रिया को अपने रास्ते में न आने की धमकी देकर गया था।और आते ही उसने एक जोरदार थप्पड़ उस लड़के के गाल पर दिया जिसका हाथ रिया की कलाई पर था,कमरे में सन्नाटा पसर गया था,उसके तुरंत बाद ही वे सभी लड़के उठकर वहां से बाहर चले दिए

 रिया बहुत डर गई थी जोर जोर से रोने लगी वह लड़का अभी वहीं खड़ा था, उसने अपना रुमाल रिया की तरफ बढ़ाया तो रिया उसका हाथ पकड़ कर जोर जोर से रोने लगी उसने रिया को वहां से उठाने की कोशिश की तो रिया उठते ही बेहोश होकर उसकी बांहों में गिर पड़ी।वो बड़े गौर से रिया के चेहरे को कुछ देर तक निहारता रहा

जब रिया को होश आया तो आन्या उसके सामने थी और साथ में कुछ ओर लड़कियां भी मगर वह लड़का वहां नहीं था, रिया के पूछने पर उन्होंने बताया कि उस लड़के ने ही कॉल करके आन्या को रिया के बारे में बताया था और रिया के पास आने को कहा था, आन्या के आते ही वह चला गया था। रिया घर जाते समय उसी के बारे में सोच रही थी और उसके दिए रुमाल को एकटूक निहार रही थी

रुमाल से आती धीमी सी इत्र की महक उसे ना जाने क्यों बहुत अच्छी लग रही थी,रात भर यही सब सोचती रही सुबह कॉलेज गई तो उसकी नजर उसी लड़के को ढूंढ रही थी ।अचानक उसकी नजर उस लड़के पर पड़ी वह दौड़ती हुई उसके पास गई और अपनी लड़खड़ाती हुई सांसो को संभालते हुए बोली,"शुक्रिया" कल जो भी आपने मेरे लिए किया उसके लिए ,और ये आपका रुमाल कल मेरे पास रह गया था ।(रूमाल उसे पकड़ाती हुई कहती है)।वो लड़का रिया को देखते हुए मुस्कुराया और कहने लगा कोई बात नहीं।आप आप अपना ख्याल रखिए

यह कहते हुए वो लड़का वहां से चल दिया,रिया में बुरा सा मुंह बनाते हुए(हुंह) इतनी प्यारी सी लड़की का रिप्लाई ऐसे।मगर फिर सोचने लगी "बंदे में कुछ तो बात है" फिर मुस्कुराते हुए गर्दन को झटका और क्लासरूम की तरफ चल दी। रिया जितना वक़्त कॉलेज में होती उसकी नजरें बस उसी लड़के की तलाश में रहती । अगर वो कहीं दिख जाए तो खुश हो जाती और अगर ना दिखे तो उदास हो जाती,खैर एक महीना ऐसे ही उधेड़बुन में बीत गया।आखिरकार एक दिन रिया ने फैसला कर ही लिया कि मुझे आज उस लड़के से बात करनी है चाहे जैसे भी हो

अगले दिन कॉलेज में वो लड़का रिया को जैसे ही दिखा वो भागकर उसके पास गई और कहने लगी क्या मैं आपसे बात कर सकती हूं?? लड़के ने हामी भरते हुए सिर हिलाया।

रिया कहने लगी मुझे तो आज तक आपका नाम तक नहीं मालूम मगर ना जाने क्यूं उस दिन के बाद से आपका ख्याल मेरे जहन से जाता ही नहीं , लाख समझाने के बावजूद भी मेरी निगाहें लौटकर तुम पर ही आकर थम जाती है मुझे लगता है मैं आपको पसंद करने लगी हूं इतना कहते ही रिया ने सर झुका लिया और रूआंसी हो गई, फिर कहने लगी क्या आप मुझे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे ??इतना कहकर वह सवाल भरी नजरों से उस लड़के के चेहरे की तरफ देखने लगी। लड़का थोड़ा सोचते हुए कहने लगा," माफ करना" आपने देर करदी मै पहले ही किसी को अपनी जिंदगी का हिस्सा मान चुका हूं ।वह बहुत बहादुर है इस कॉलेज में पहली बार किसी ने मेरे खिलाफ जाकर किसी प्रोफेसर से मेरी शिकायत की है और मैं तबसे उसे पसंद करता हूं इतना कह कर वह चला गया ।

रिया रोने लगी और उदास मन से घर लौट आई रात को सोते समय रोते रोते उसकी बात याद करने लगी तभी अचानक उछल पड़ी,मानो पागल हो गई है ।उसी वक़्त फोन की घंटी बजती है, फोन रिसीव करते ही उसकी आंखें चमकने लगती है दूसरी तरफ वही लड़का था ,वो कहने लगा कि समझ गई या अभी तक रो रही हो और वो जोर जोर से हंसने लगा। रिया बुरा सा मुंह बनाती हुई ,"तो साफ-साफ नहीं बोल सकते थे कि पसंद करते हो ,पता है मुझे कितना बुरा लगा मैं कितना रोई

 फिर रोते-रोते हंसने लगी और कहने लगी जब तुम मुझे पहले से पसंद करते थे तो कभी कुछ कहा क्यों नहीं, तो लड़का कहने लगा कि तुम मुझे पहली नजर में पसंद आ गई थी मगर मैं अपनी पसंद तुम पर थोपना नहीं चाहता था बस इंतजार कर रहा था कि कब तुम मेरी चाहत को महसूस करोगी ?कब मेरी जिंदगी का हिस्सा बनोगी ?बस फिर क्या था सारी रात फोन पर बातें करते हुए ही बीत गई उसके बाद फोन रखते ही रिया बेसुध होकर बिस्तर पर लेटते ही गहरी नींद में सो गई।

तभी सभी पीछे से आवाज आई मम्मी आज नाश्ता नहीं बनाना है हमें स्कूल के लिए लेट हो रही है और रिया ख्यालों की दुनिया से बाहर आ गई मुस्कुराहट अभी उसके चेहरे पर झलक रही थीबच्चों से कहने लगी सॉरी बेटा अभी बनाती हूं! तब तक आप तैयार हो जाओ इतना कहते ही रिया पलटी और अपने पति मयंक की फोटो उठाकर मुस्कुराते हुए कहने लगी देखो तुम से हुई वह पहली तकरार आज तक याद आती है। ( मयंक कॉलेज का वही लड़का था जो अब रिया का पति था जॉब के कारण वो ऑस्ट्रेलिया चला गया था) रिया और मयंक ने कॉलेज के बाद अपने अपने घर वालों को शादी के लिए मना लिया और अब दोनों की शादी को सात साल हो चुके थे।


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