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vijay laxmi Bhatt Sharma

Drama

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vijay laxmi Bhatt Sharma

Drama

सपना जो सच हुआ

सपना जो सच हुआ

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चारों तरफ चहल पहल हो रही थी सुबह सुबह ऐसे कैसे माहौल बदल गया कल तक सभी उदास थे की दीदी की शादी में मामा नहीं आ पा रहे थे...हुआ यूं दीदी कि शादी कुछ ज्यादा ही तेज रफ्तार से तय हुई और फिर सिलसिला शुरू हुआ निमंत्रण भेजने का क्यूंकि मेरे ननिहाल में यानी मां के मायके में मायके के नाम पर अब मामा बचे हैं और वो भी विदेश में रहते हैं...

अब हमारे घर पहली शादी है और सब कहते हैं मामा का रहना बहुत जरूरी है... उनका निमंत्रण पहले पहुंचना चाहिए और उन्हें फोन पर भी सूचना से दी थी परन्तु मामाजी की भी जिम्मेदारियां थी उन्होंने भी थोड़ा आश्चर्यचकित हो कहा अरे थोड़ा पहले बता देते तो उन्हें सारा मामला समझाया गया कैसे एक नेक लड़का मिला और उन लोगों की एक ही मांग थीं कि शादी जल्दी करनी है इसलिए एक अच्छा लड़का हाथ से निकल ना जाय उसकी ही वजह है ये जल्दबाजी....

ओह मामाजी ने कहा और कुछ करता हूं कह कर सबको तसल्ली दी परन्तु कल सुबह ही अचानक उनका फोन आया की उस दिन उनकी बहुत बड़ी कॉन्फ्रेंस है और उनका वहां रहना आवश्यक है टिकट भी नहीं मिल पा रही तभी से सभी के चेहरे मुरझाए हुए थे... और मैं दिनभर की भागदौड़ से थक गया था इसलिए से गया परन्तु सुबह तो माहौल ही बदला हुआ है सब चहक महक रहे हैं जैसे आज ही शादी हो तभी मां आ गईं अरे मुन्ना पता है कल रात मामा का फोन आया था कि कॉन्फ्रेंस देर से होगी और उन्हें टिकट भी जल्दी का मिल गया है तो वो कल ही आ रहे हैं ख रहे थे बहुत दिन हुए अकेले अकेले यहां रहते अपने देश के कोई त्यौहार कोई उत्सव देख ही ही नहीं पाए कई सालों से... तरस गए हैं बिजनेस ने तो जीवन के लिए समय छीन ही लिया अब जल्दी आ कर शादी की पूरी रस्में भी देखूंगा और बच्चों को भी दिखाऊंगा की ये है मेरा हिंदुस्तान जहां रिश्ते पलते हैं जहां छोटी छोटी खुशियां भी त्यौहार होती हैं...

काम बहुत किया सब कुछ दिन अपने लिए भी इसलिए मै परिवार के साथ आ रहा हूं...

अच्छा मां इसलिए ही सुबह सुबह ये चहल पहल है आपके भाई भाभी जो आ रहे हैं...मां थोड़ा भावुक हो गईं मुन्ना मायके के नाम पर सब केवल तुम्हारे मामा ही तो हैं मेरे वो भी कल वर्षों बाद दिखेगा तो मेरे लिए तो कल ही दीवाली, होली, राखी, भाईदूज सभी त्यौहार होंगे... मां की आंखें भर आईं थीं सचमुच औरत के लिए मायका बड़ा महत्व रखता है खुद को अधूरा महसूस करती है मायके के बिना मां की हालत देख समझ आया मुझे... अरे मां अब तो खुश हो तो क्यूं रही हो... मै कहां रो रहीं हूं मुन्ना ये खुशी के आंसू हैं तू भी जल्दी उठ मामा कल आ रहे हैं समय नहीं है मां ने उत्साहित हो कहा बहुत सी तैयारी करनी है इतने सालों बाद बच्चों के साथ आ रहा है कितनी मजे की बात है... मुझे लगा मां को दीदी की शादी की खुशी से ज्यादा मामा के आने की खुशी है कल तक मुरझाया चेहरा आज खिला खिला हुआ है और ये सब जो बीती रात कमल दल खिले उसका नतीजा है।


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