STORYMIRROR

Preeti Sharma "ASEEM"

Drama

2  

Preeti Sharma "ASEEM"

Drama

एक रिश्ता बड़े घर का

एक रिश्ता बड़े घर का

2 mins
189


विधि और नरेश ड्राइंग रूम में बैठे बातें कर रहे थे ।बड़े दिन हो गए, अभी तक लड़के वालों ने कोई जवाब नहीं दिया। आपने नहीं पूछना ,तो बुआ जी से पूछ लेना था।अगर उधर से कोई जवाब आ जाता ।

विधि ने नरेश से कहा ,अगर एक बार उनकी हां -ना हो जाती तो हम कहीं और देखते ।

इतने में, कॉलेज से निकिता आ पहुंची थी। वह मां और पापा की बात से भाप गई थी कि वह दोनों उसकी शादी की बात कर रहे हैं।

     कुछ नहीं........ मां से पूछा ,"क्या बात हुई मां "नहीं- नहीं मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी।

मां बात को टाल गई।

    उस दिन जो आंटी आई थी। वह बुआ जी के रिश्तेदार है। तो उनके बारे में पूछ रही थी।          

     निकिता जानती थी कि मां उससे झूठ बोल रही है। उसने मां पापा की बातें सुन ली थी। वह बुआ की रिश्तेदार नहीं मुझे देखने के लिए आई थी ।

    निकिता जानती थी कि उधर से कोई जवाब नहीं आएगा। क्योंकि वह आंटी उनके दो कमरे के घर को ऊपर से नीचे तक देखकर मुंह सिकोड़ रही थी और उनकी गरीबी का मजाक उड़ा रही थी। और जाते-जाते जिस बात को उसने मजाक में कहां था निकिता के हृदय में कील की तरह गढ़ गई थी ।

     किसी के घर मिलने आए को कोई ऐसे नहीं बोलता। बुआ ने जाते-जाते पूछा तू भी चलेगी हमारे साथ । गाड़ी देख कर बाक़ी बच्चे खुश थे कि हमें कहे बुआ चलने को ,हम चले जाएंगे घूमने के लिए बुआ के साथ ।

 उस आंटी ने सर से पांव तक देखा और बोली इसे क्या तुम डिग्गी में बैठओगी। दूसरों को हीन जतलाने वाले उसके शब्द निकिता के परिवार का ,घर का मजाक उड़ा गए थे

 उस दिन निकिता को अपने लड़की होने पर बुरा लग रहा था।



Rate this content
Log in

Similar hindi story from Drama