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Khushbu Rani

Children Stories Drama Inspirational

4  

Khushbu Rani

Children Stories Drama Inspirational

अलग रास्ते

अलग रास्ते

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यह कहानी दो ऐसे व्यक्तियों की है जो एक ही शहर में रहते थे, लेकिन उनकी दुनिया एक-दूसरे से कोसों दूर थी। एक का नाम था **आर्यन**, जो शहर के सबसे ऊंचे टावर के आलीशान पेंटहाउस में रहता था, और दूसरे का नाम था **रामू**, जो उसी टावर के पास बनी एक छोटी सी बस्ती में रहता था।


आर्यन एक सफल बिजनेसमैन था। उसकी सुबह अलार्म की जगह स्टॉक मार्केट की खबरों से होती थी। उसके पास महंगी गाड़ियां, नौकर-चाकर और दुनिया की हर सुख-सुविधा थी, लेकिन उसकी आंखों में हमेशा एक थकान रहती थी। वह अक्सर तनाव में रहता कि कहीं उसका मुनाफा कम न हो जाए।

दूसरी तरफ रामू एक दिहाड़ी मजदूर था। वह सुबह उठकर ताजी हवा में सांस लेता और भगवान का शुक्रिया अदा करता कि उसे एक और दिन मिला है। उसकी मेहनत पसीने से लथपथ होती थी, लेकिन शाम को घर लौटते समय उसके चेहरे पर एक अलग ही सुकून होता था।

### वह बरसात की शाम

एक शाम शहर में मूसलाधार बारिश हो रही थी। आर्यन अपनी करोड़ों की कार में बैठकर ऑफिस से घर लौट रहा था। अचानक बीच रास्ते में जलजमाव के कारण उसकी कार बंद हो गई। उसने चिढ़कर अपने ड्राइवर पर चिल्लाना शुरू कर दिया और अपनी किस्मत को कोसने लगा। उसे डर था कि उसकी कीमती लेदर की सीटें खराब हो जाएंगी।

उसी समय, रामू भी काम से लौट रहा था। उसने देखा कि एक बड़ी गाड़ी बीच सड़क पर फंसी है और मालिक परेशान है। रामू बिना सोचे-समझे पानी में उतरा और आर्यन के पास जाकर बोला, "साहब, परेशान न हों, मैं धक्का लगा देता हूँ, आगे सूखी जगह है।"

आर्यन ने उसे हिकारत से देखा, लेकिन उसके पास कोई और चारा नहीं था। रामू ने पूरी ताकत लगाकर गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। जब आर्यन बाहर निकला, तो उसने रामू को कुछ पैसे देने चाहे।

### असली अमीरी का अहसास

रामू ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ लिए और कहा, "नहीं साहब, मदद के पैसे नहीं लिए जाते। बस इतना ख्याल रखिएगा कि कोई भूखा न सोए।"

आर्यन दंग रह गया। उसने पूछा, "तुम्हारे पास तो पहनने को ढंग के कपड़े भी नहीं हैं, फिर भी तुम ये पैसे मना कर रहे हो? तुम्हें डर नहीं लगता कि कल क्या होगा?"

रामू ने सादगी से जवाब दिया:

> "साहब, डर तो उसे लगता है जिसके पास खोने को बहुत कुछ हो। मेरे पास तो बस मेरा परिवार और मेरी मेहनत है। आप अमीर हैं क्योंकि आपके पास बहुत सारा धन है, मैं अमीर हूँ क्योंकि मेरे पास बहुत सारा संतोष है।"

### बदलाव की शुरुआत

उस रात आर्यन अपने मखमली बिस्तर पर सो नहीं पाया। उसने महसूस किया कि वह अब तक 'कीमत' और 'मूल्य' के बीच का अंतर नहीं समझ पाया था। उसके पास बैंक बैलेंस तो था, लेकिन अपनों के लिए वक्त और मन में शांति नहीं थी। वहीं रामू, जो आर्थिक रूप से 'गरीब' था, दिल और रूह से कहीं ज्यादा 'अमीर' निकला।

**सीख:**

इंसान की अमीरी उसके बैंक खाते से नहीं, बल्कि उसके नजरिए और व्यवहार से मापी जाती है। पैसा सुविधाएं तो खरीद सकता है, लेकिन सुकून और इंसानियत नहीं।



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