आर्यन का मास्टरस्ट्रोक: प्यार की सरकार!
आर्यन का मास्टरस्ट्रोक: प्यार की सरकार!
कॉलेज का वो बड़ा सा हरा-भरा गार्डन आज अजीब सी खामोशी और जज्बातों से भरा था। आज फेयरवेल था। ग़ुलाबी शाम ढल रही थी, ठंडी हवा चल रही थी और चारों तरफ बिछड़ने का एक हल्का सा दर्द था। लड़कियाँ एक-दूसरे को गले लगाकर रो रही थीं, और लड़के झूठी हंसी के पीछे अपने आंसू छुपा रहे थे। लेकिन इन सबके बीच... आर्यन के दिमाग में अलग ही कैबिनेट मीटिंग चल रही थी! आज आर्यन ने सोच लिया था कि वो रिया को अपने दिल की बात कह कर ही रहेगा। पर नॉर्मल तरीके से घुटनों पर बैठकर फूल देना आर्यन के स्टाइल में नहीं था। उसने प्लान किया था अपना सबसे बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक'। रिया गार्डन के एक शांत कोने में, अपनी कुछ यादों वाली डायरी पलट रही थी। वो साड़ी में हमेशा की तरह बेहद खूबसूरत लग रही थी। थोड़ी दूर, एक घनी झाड़ी के पीछे दो अलग-अलग टीमें मोर्चा संभाले खड़ी थीं। बाईं तरफ से रिया की टीम— सनी और उसकी स्मार्ट गर्लफ्रेंड समीक्षा, छुपकर नज़ारा देख रहे थे। दाईं तरफ से आर्यन की टीम— आर्यन का जिगरी यार लकी और उसकी हद से ज्यादा क्यूट और मासूम गर्लफ्रेंड सोया अपनी बड़ी-बड़ी आँखों से झांक रहे थे। आर्यन ने एक गहरी सांस ली। अपने सूट के बटन ठीक किए, चेहरे पर एक बेहद गंभीर, देश के सबसे बड़े नेता वाली गंभीरता लाई, और भारी क़दमों से रिया की तरफ बढ़ा। आर्यन (अपना गला साफ करते हुए, बिल्कुल भारी और खनकती हुई आवाज़ में): "मित्रों... अम्म, मेरा मतलब है... रिया जी! मेरी बात ज़रा ध्यान से सुनिए।" आवाज़ में इतनी भारीपन था कि रिया ने अपनी डायरी बंद कर दी और एकदम से चौंककर ऊपर देखा। (झाड़ियों के पीछे रिया की टीम) सनी (हंसी दबाते हुए, समीक्षा के कान में फुसफुसाता है): "समीक्षा, देख रही है इसे? आर्यन को प्रपोज़ करने भेजा था, ये तो कॉलेज के गार्डन में ही लाल किले की प्राचीर समझ कर भाषण ठोकने लगा है!" समीक्षा (मुस्कुराते हुए और सनी को कोहनी मारते हुए): "चुप कर सनी! देखने दे, बंदे की एंट्री तो फुल भौकाल वाली है।" (इधर आर्यन का भाषण शुरू होता है) आर्यन (हाथों से बिल्कुल मोदी जी वाला एक्शन करते हुए): "मैं आज यहाँ आपको यह सूचित करने आया हूँ कि... आज रात 8 बजे से... आपके दिल के दरवाज़े पर लगा हुआ वो 'नो एंट्री' का बोर्ड... अब लीगल टेंडर नहीं रहेगा! उसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाता है!" (झाड़ियों के पीछे आर्यन की टीम में तहलका) सोया की मासूम आँखें डर के मारे फैल गईं। उसने लकी का हाथ कसकर पकड़ लिया। सोया (घबराई हुई और कांपती आवाज़ में): "लकी... लकी! आर्यन ये क्या कह रहा है? क्या सच में 8 बजे के बाद रिया का दिल धड़कना बंद कर देगा? हे भगवान! लकी, जल्दी से एंबुलेंस को फोन करो ना, रिया को बचाना पड़ेगा!" लकी (अपना माथा पीटते हुए, पर बड़े प्यार से सोया के गाल खींचकर): "अरे ओ मेरी मासूम सोयाबीन! वो रिया की नोटबंदी नहीं कर रहा है, वो उसे प्रपोज़ कर रहा है। तू बस चुपचाप देख, कोई एंबुलेंस नहीं आ रही यहाँ!" (रिया का रिएक्शन) रिया पहले तो कुछ सेकंड के लिए बिल्कुल ब्लैंक हो गई। पर जैसे ही उसे आर्यन का जोक समझ आया, उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान तैर गई। पर वो भी मज़े लेने के मूड में थी। रिया (अपनी हंसी बड़ी मुश्किल से रोकते हुए, भौहें चढ़ाकर): "अच्छा जी? तो पुराने नियम रद्द होने के बाद... अब मेरे इस दिल के राज्य में क्या लागू होगा?" आर्यन समझ गया कि तीर निशाने पर लग रहा है। उसने अपना सीना और तान लिया। आर्यन (फुल कॉन्फिडेंस में हवा में उंगली उठाते हुए): "देखिए रिया जी, बात एकदम स्पष्ट है। 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत मैंने अपने दिल की पूरी सफाई करवा ली है। वहां का सारा पुराना कचरा, टाइमपास क्रश, इधर-उधर के खयाल... सब बाहर निकाल फेंके हैं! अब वहां सिर्फ और सिर्फ आपके प्यार की एक चमचमाती 'स्मार्ट सिटी' बसेगी! यह कोई आम प्रपोज़ल नहीं है रिया, यह आर्यन का मास्टरस्ट्रोक है!" अब रिया से कंट्रोल नहीं हुआ और उसकी एक ज़ोरदार और मीठी हंसी पूरे गार्डन में गूंज उठी। आर्यन ने सही मौका देखा। उसने अपनी जैकेट के अंदर वाले पॉकेट से एक बहुत ही खूबसूरत लाल गुलाब निकाला। वो धीरे से अपने घुटनों पर बैठा। अब नेता वाली एक्टिंग ख़त्म, और एक सच्चे आशिक़ की सच्चाई उसकी आँखों में आ गई। आर्यन (बिल्कुल सीरियस और प्यार भरी आवाज़ में): "तो रिया जी... क्या आप मेरी इस 'प्रधानमंत्री इश्क योजना' के बिल को पास करेंगी? या मुझे उम्र भर, सिंगल रहकर... विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा?" रिया ने उस गुलाब को देखा, फिर आर्यन की प्यार से भरी आँखों में। उसने धीमे से वो गुलाब आर्यन के हाथ से ले लिया। रिया (शरारती अंदाज़ में आँख मारते हुए और आर्यन का कॉलर हल्का सा पकड़ते हुए): "योजना तो तुम्हारी बहुत शानदार है आर्यन... और लो, मैंने बिल पास भी कर दिया! लेकिन एक बात याद रखना... अगर मेरे दिल में 'अच्छे दिन' नहीं आए ना... तो एक ही दिन में तुम्हारी ये पूरी सरकार गिरा दूंगी!" आर्यन की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने मुस्कुराते हुए रिया का हाथ चूम लिया। पर तभी... झाड़ियों के पीछे से एक धमाका हुआ! सोया अब अपनी ख़ुशी रोक नहीं पाई। वो झाड़ियों से कूदकर बाहर आ गई। सोया (हवा में दोनों हाथ उठाकर, ज़ोर से ताली बजाते हुए और खुशी से उछलते हुए चिल्लाई): "येय!!! आर्यन की सरकार बन गई! आर्यन प्रधानमंत्री बन गया!! बधाई हो लकी, हमारा आर्यन जीत गया!!" सोया की इस मासूम और बेवकूफी भरी हरकत को देखकर लकी, सनी और समीक्षा ने अपना-अपना सिर पकड़ लिया और झाड़ियों से बाहर आ गए। आर्यन और रिया भी चौंककर उनकी तरफ देखने लगे, और फिर अगले ही पल... छह के छह दोस्तों के ठहाकों से वो कॉलेज का गार्डन गूंज उठा। आर्यन का 'मास्टरस्ट्रोक' सच में काम कर गया था। सुखविंदर की कलम से: "इश्क़ का इलेक्शन भी बड़ा अजीब होता है दोस्तों! यहाँ रैलियां नहीं होतीं, बस एक नज़रों का मास्टरस्ट्रोक ही काफी होता है। जब दिल 'स्वच्छ' हो और प्यार का इरादा 'स्मार्ट सिटी' बनाने का हो, तो सामने वाले को बिल पास करना ही पड़ता है। बस याद रहे, प्यार की इस सरकार में झूठे वादे नहीं चलते, वरना 'अच्छे दिन' आने से पहले ही सरकार गिर जाती है! दिल से प्यार करो और डंके की चोट पर करो!"

