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नोट : कन्टेन्ट क्रमांक चुने हुए भाषा के तहत फिल्टर में प्रदर्शित होंगे : hindi

जो पतंग उड़ा रहा होता है वो आपका अपना आत्मविश्वास होता read more

5     273    23   

आज लाली दर्द के बदले इक नया दर्द ले आई वो दर्द सुनकर ही शरीर में इक अजीब सी सिरहन read more

4     248    48   

अम्मा तो सर पकड़कर बैठ गयी। आँखों के आगे अंधेरा छा read more

2     211    11   

अंधकार में देशकी संस्कृति गिन गिन कर सांसें ले रही है। वहां मरने जा रही है उसे आज read more

3     215    15   

आज हमारे पास में दो हाथ पैर होकर भी हम अपने समय का सही उपयोग नहीं read more

3     169    19   

माता-पिता कभी बच्चों के दुश्मन तो नहीं होते, यह बात हर बच्चों को ध्यान में रखना read more

6     137    37   

बस इतना ही कह पाई..." आप शिक्षक समाज का गौरव हैं सर। गॉड ब्लेस्स यू read more

5     199    49   

आज महेश को देखकर दुख होता हैं पर कैसे सब कुछ बिखर जाता है एक बुरी शुरूआत read more

1     129    29    3013

बस, ठान लेना ज़रूरी है कि, जिद्द है तो जीत read more

8     168    51    103

सही मार्गदर्शन और बातचीत बच्चों को गलत कदम उठाने से रोक सकता read more

8     214    14    1032

अब आप इसका इसका इस्‍तेमाल निश्चित समय-सारणी के हिसाब से ही read more

8     281    31    489

बस उम्मीद और अपने पर विश्वास read more

4     204    4    2329

असफलता का जश्न पहली बार देखा था और यह जश्न अपने उद्देश्य में सफल भी read more

4     275    25    1381

सौरभ और वैभव एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने read more

2     211    12    4240

माँ की बात सुनकर महेश चोरी के ग्लानि भाव से बाहर आ गया और उनके पैरों पर झुक read more

1     128    28    1097

कॉलेज में नई दोस्तों से मिल कर पढ़ाई पूरी read more

1     124    24    5150

सब ही दिये बधाई प्रभु, प्रभु जी सब ही दिये read more

4     239    30    3011

आज वो अकेली रह गयी, अपनी अचीवमेंट्स के साथ read more

1     243    43    4779

देश के नौजवानों को, मासूम जनता को क्यों बनाते हैं बलि का बकरा, क्या मिलता है इनको ये read more

4     102    2    1910

चलूँ अगर घर में होगी तो फिर जी भर कर सुनाऊँगा अरे यह तो ऑफिस चली गयी, धत तेरे read more

2     107    3    4775

लोगों से उसकी लिखाई को प्यार और रेस्पेक्ट मिलने लगा। वैसे उसकी सोच आसमां छूने read more

3     169    20    3028

अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे भविष्य के लिए भी द्रौपदी माता से प्रार्थना read more

5     303    31    489

तुम को कुछ पता नहीं मेरे पर नौ गज लंबा इतिहास रचा गया read more

2     182    33    3007

शाबाशी खुद को दो रोज़ अपने जिस्म की नुमाइश करके, सवेरे उसके आंगन में तुलसी को ज्योत read more

3     239    40    1577

शाम होते ही वह अक्सर उदास हो जाती थी। उसे अपने पापा की बहुत याद आती read more

2     111    7    3789

लेखक: विक्टर गल्याव्किन अनुवाद: आ. चारुमति read more

4     298    40    194

बोलीं माँ बीमार है, भूख से बड़ा नहीं ये read more

8     265    15    2934

उसकी माँ भी खूब दुआएँ करती मेरे बच्चे को कामयाब कर read more

4     156    7    779

असल में व्यवसाय वो नहीं होता है जिसमें दुकान के खुलने से पैसा आये और बन्द होने पर read more

2     238    38    2569

लेखक : निकलाय नोसव अनुवाद : आ. चारुमति read more

30     280    23    493