2050 भविष्य के गर्त में क्या
2050 भविष्य के गर्त में क्या
बहुत सारी सहेलियों का ग्रुप अपनी मस्ती में झूम रहा था तभी किसी ने कहा आज समय कितना बदल गया है 25 सालों में तो दुनिया काफी बदल रही है अब 2050 में क्या होगा। सब अपने-अपने कल्पना के घोड़े दौड़ा रहे थे तो हमने सोचा हम भी अपनी कल्पना के घोड़े दौड़ा लेते हैं जी हां यह मेरी कल्पना
जी हां हम भविष्य की बात कर रहे हैं।
जहां कल का भरोसा नहीं हुआ हम 27 साल बाद की बात कर रहे हैं।
चलिए कल्पना का घोड़ा हम भी दौड़ा देते हैं।
क्योंकि देखने के लिए तो शायद हम भी ना बचे।
और अगर बच भी गए तो समझने लायक ना हो क्योंकि 90 से ऊपर में पहुंच चुके होंगे।
घर परिवार थोड़े कम बसेंगे
सबको अपनी स्वतंत्रता प्यारी होगी कोई रिश्ते की डोर में बंधना पसंद कम करेगा जो आजकल हो ही रहा है।
रिश्ते की माधुर्यता खत्म होती जा रही है।
शायद थोड़ी सद्बुद्धि आ जाए तो वापस थोड़ा पुराना दौर आ जाएगा ।
क्योंकि सभी पढ़े लिखे होंगे आपस में एक दूसरे को समझ कर अच्छी तरह रह सकेंगे।
सास बहू के रिश्ते में कड़वाहट की जगह माधुर्य होगा।
एक दूसरे की अहमियत को समझते हुए एकल परिवार से संयुक्त परिवार की तरफ बढ़ेंगे।
बच्चों को बेहतरीन शिक्षा मिलेगी।
मगर वो शिक्षा बहुत महंगी होगी।
क्योंकि आजकल तो स्कूल कॉलेज वाले भी लूटने के लिए ही बैठे हैं।
शिक्षा कम और व्यापारी करण ज्यादा हो गया है।
जो इन 20 सालों में बढ़ा है उससे ज्यादा ही बढ़ेगा।
क्योंकि लोग भी इतने सक्षम होंगे कि सरकार की बनाई स्कूल कॉलेज के अंदर उनके लाभ देते हुए कॉलेजों में एडमिशन लेना कम पसंद करेंगे।
सब अपना अपना रुतबा दिखाएंगे कि हम बच्चे की एजुकेशन के लिए इतना पैसा खर्च करते हैं।
अपना सोशल स्टेटस बढ़ाने के लिए अपनी घमंड को पूरा करेंगे।
क्योंकि सरकारी स्कूल और कॉलेज वालों को तो हेय ही नजर से देखते हैं।
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बहुत बढ़ोतरी होगी।
बहुत कुछ अच्छा होगा और इंसान टेक्नोलॉजी का ही गुलाम बन जाएगा।
दो और दो चार गिनने के लिए भी केलकुलेटर की जरूरत पड़ने वाली है।
ग्लोबलाइजेशन के कारण दुनिया मुट्ठी में होगी 5G के बाद 6G भी आ जाएगा
अपने पाठ्य पुस्तकों में अब सही वाला इतिहास आएगा सनातन धर्म का बोलबाला होगा और दूसरे धर्मों का भी बोलबाला होगा।
ऊंचा नीचा कोई नहीं होगा देश में शांति संस्थापक कोशिश करेंगे की दुनिया में शांति बनी रहे।
ऐसा ही कुछ होगा क्योंकि क्योंकि अशांति और युद्ध तो अब अणु परमाणु युद्ध की तरफ जाने वाले हैं। इसीलिए शांति में ही सार है सबको समझ में आ जाएगा।
पूरे विश्व में भारत का परचम लहराएगा भारत के जीवन मूल्यों को पूरा संसार अपनाएगा।
और विश्व शांति का पाठ सबको पढ़ाएगा।
सीमेंट कंक्रीट का जंगल होगा मगर साथ में पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाएगा।
क्योंकि प्रकृति ने अपना रौद्र रूप पहले ही दिखा दिया है इसीलिए लोग उससे डरेंगे
चिकित्सा क्षेत्र में बहुत ही प्रगति होगी नैनो चिकित्सा आएगी।
साथ में ईश्वर के ऊपर विश्वास और भी ज्यादा होगा।
पढ़ी-लिखी पीढ़ी भी अंधविश्वासों को दूर नहीं कर पाएगी।
क्योंकि वह खुद ही उस में लिप्त होती है इसलिए दुनिया जैसी चलती है वैसी ही चलती रहेगी।
और प्रकृति का संतुलन जैसे बस्ती , जनसंख्या विस्फोट वह सब प्रकृति के संतुलन के हिसाब से चलेगा।
ज्यादा होगा कम होगा जो होगा वह देखने हम जिंदा नहीं रहेंगे ऐसा लगता है कल का ही भरोसा नहीं तो 90 की उम्र तक पहुंचने की तो क्या बात है।
सोच सब पूरब पूरब पश्चिम संस्कृति से मिलकर और नए और पुराने मिक्स होकर के एक नई सोच बन जाएगी।
जो तीसरी तरह की होगी अपने फायदे के लिए तोड़ मरोड़ कर माने गए नियम कानून होंगे।
और भी बहुत कुछ हो सकता है जो होगा वह अच्छा ही होगा और सकारात्मक ही होगा
इस तरह से हमने अपनी कल्पना के घोड़े दौड़ा कर अपनी बात रखी जो सबको पसंद आई और सब कहने लगे हैं हम भी यही सोचते हैं और चाय नाश्ते के बाद में सहेलियों की टोली बिखर गई आपका क्या ख्याल है क्या होगा 2050 समीक्षा करके बताएं।
वक्त के कल और आज
कोई नहीं जानता क्या होगा। बस हम कल्पना के घोड़े दौड़ा लेते हैं और उसमें से बहुत कुछ सफल भी हो जाती हैं।
और उन्नति की राह भी दिख जाती है।
