“
जिंदगी गुजर जाती है यह ढूंढने में की ढूंढना क्या है......
अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में की, जो मिला....
वह भी कहां साथ लेकर जाना है।
जब भी देखता हूं किसी को हंसते हुए......
तो यकीन आ जाता है.... की
खुशियों का ताल्लुक दौलत से नहीं होता....
जिसका मन मस्त है उसके पास समस्त है!!
”