हे! हिमनग तुम प्राणों के प्राण...... उच्च तुंग व्योम चिर गूढ़ तुम आख्यान। हे! हिमनग तुम प्राणों के प्राण...... उच्च तुंग व्योम चिर गूढ़ तुम आख्यान।