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VIVEK ROUSHAN

Abstract


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VIVEK ROUSHAN

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यही मेरी कहानी है

यही मेरी कहानी है

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एक पत्थर से दिल लगा बैठा यही मेरी कहानी है

हाँ! जो आप सबों की है वही मेरी कहानी है


मनमौजी था खुश-मिज़ाज़ था दिलफेंक था

अब परेशान हूँ छोड़िये ये सब बातें पुरानी है


जख्म जो मिला मुझे अभी तलक भरा नहीं

अच्छा हाँ याद आया ये तो इश्क़ की निशानी है


वक़्त-वक़्त की बात है अभी वक़्त तुम्हारे साथ है

यारों एक वो जवानी थी और एक ये जवानी है


अंजाम-ए-इश्क़ में आँसू के सिवा कुछ भी नहीं

आगाज़-ए-इश्क़ में यारों गज़ब की रवानी है


बस में हो तुम्हारे तो मेरे लिए आब ले आना

मेरे अन्दर एक आग जल रही जिसे बुझानी है 


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