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Dippriya Mishra

Romance


4.5  

Dippriya Mishra

Romance


वो समंदर है इश्क़ का

वो समंदर है इश्क़ का

1 min 241 1 min 241

दो दिलों पर आज आसमाँ वाला भी मेहरबान है।

देखिए बेहिसाब हसरतों का कारवाँ चलायमान है।


दो अजनबी प्रेमपाश में यूँही तो नहीं बँध जाते,

जन्मों की राब्ता को मिलती , एक नई पहचान है।


नज़र से रूह का सफ़र कर लेता है , वो अजनबी,

लम्हा पहले जो इश्क़ की गलियों से अनजान है।


हथेलियों पर आयत सी है महबूब का नाम लिखता ,

आईना-ए-दिल में वो चेहरा दिखें  यही अरमान है।


दरिया सी तय कर लूंगी 'दीप' मैं पहुँचने का रास्ता,

वो समंदर इश्क़ का, लहरों सी हसरतें बेहिसाब है।


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