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Rajit ram Ranjan

Abstract


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Rajit ram Ranjan

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उम्र हो गई है..

उम्र हो गई है..

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मम्मी कहती है कि बेटा अब उम्र हो गई है ,

शादी कब करोगे,

बाबू जी,दीदी,भाभी,दोस्त,और रीलेशन वाले भी कहने लगे हैं ,

मुझे भी लगता है कि अब कर लेना चाहिए,

अकेले अब दिन गुज़रता नहीं है ,

बिस्तर पे भी दिल लगता नहीं है ,

अब लगता है कि एक साथी की ज़रूरत है ,

जिसके साथ अपने ख्वाब और ख़्याल शेयर कर सकें ,

जिनके कांधे पे सिर रख के सो सकें ,

जिनको बाहों में भरके सुकून कि सांस ले सकें ,

ग़र मैं रूठूँ तो वो मुझे मनाये,

और वो रूठें तो मैं मनाऊं,

एक साथ मिलकर माँ का हाथ बंटा सकें ,

उम्र हो गई है माँ बेचारी अब किचन में परेशान हो जाती है ,

उसका भी ख़्वाब है कि वो अपने बहु को लाये,

मुझसे कम उम्र के लड़को कि शादी देखकर माँ और परेशान हो जाती है ,

मुझे भी अब लगने लगा है कि माँ का कहना मानकर मुझे शादी कर लेना चाहिए!

मैं माँ को बहुत प्यार करता हूँ,

माँ को परेशान होते अब देखा नहीं जाता,

मुझे भी लगने लगा है कि उम्र हो गई है!



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