उड़ान-अनुभूति
उड़ान-अनुभूति
मेरे मन की उड़ान है इतनी तीव्र
सैर कर आती हूँ पूरे ब्रह्माण्ड की
कर लेती हूँ सारे स्वप्न साकार अपने
विचरण करती हूँ अद्भुत स्वप्नलोक में।
पर झटका लगता है सौ वाट का
जब अचानक नींद खुलती है लेट
देरी होती है स्कूल के लिए
फिर आरंभ होती है एक और उड़ान।
बुलंद हौसलों के साथ
हाथ पैरों की शक्ति डबल
सब काम निपटा
पहुँच जाती हूँ स्कूल
तीव्र उड़ान के साथ।
अपनें परों पर विश्वास
नारी शक्ति का अहसास
सफल प्रयास
एक से बढ़कर एक
सुन्दर अनुभव।
नित नई उड़ान
वर्किंग महिला
के जीवन की
अनुभूति उड़ान।
