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तेरी तस्वीर से करता हूँ बातें..

तेरी तस्वीर से करता हूँ बातें..

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मेरे इस दिल को कोई और नहीं भाता, 

बिन तेरे मुझे कुछ समझ नहीं आता, 

तू मिल नहीं पाती, आजकल मुझसे 

क्यूँ कोई वजह हैं तो बता दे यारा, 

करवटें बदलता हूँ तो सिर्फ तेरी ही 

आती हैं, ख़यालातें

तेरी तस्वीर से करता हूँ बातें !


तेरा हर सितम याद है मुझे, 

भूल गई या याद भी है तुझे, 

तू तो ख़ुश है, मगर मेरे दिल की

वीरान हो गई है, सारी गलियाँ, 

जिस दिन मिलेगी, उसी -दिन 

पूछ लूँगा

मन में हैं जो भी सवालातें

तेरी तस्वीर से करता हूँ बातें !


काया ये कमसिन, मदमस्त जवानी, 

भीगती दरिया कि, जैसे रवानी, 

शायरों कि शायरी और आशिकों की कहानी, 

बलखाती कमर हैं मुश्किल हालातें

तेरी तस्वीर से करता हूँ बातें !



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