Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

Tanu Bhargava

Abstract


4.5  

Tanu Bhargava

Abstract


शक्ति

शक्ति

1 min 160 1 min 160

नारी तू नारायणी

शक्ति साहस प्रदायिनी

नारी शक्ति है सम्मान हे

गौरव है अभिमान है


इसको आने दो दुनिया में 

इससे है सृष्टि सारी

यह हे शीतल यह हे कोमल 


वक्त पड़े तो चट्टानों को भी 

कर दे ये घायल

यह है शक्ति यह है बुद्धि

 प्रेरणा प्रयास है


यह है लक्ष्मी यह है सरस्वती 

प्रेम और एहसास हे

यह है दुर्गा यह है काली 

साहस और विश्वास है


माँ बनकर ममता की बौछार लगाती

पत्नी बनकर सुख दुःख में साथ निभाती

बहन बनकर कितना स्नेह लुटाती 

हर रूप में लगती प्यारी 

तेरे रूप अनेक 

ईश्वर का चमत्कार है।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Tanu Bhargava

Similar hindi poem from Abstract