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nand kumar

Abstract


2.6  

nand kumar

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शिव स्तुति

शिव स्तुति

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शिव शंकर कामारि प्रभु, सुमिरौ शीश नवाइ।

दया करो मुझ अधम पर, काम भाव मिटि जाइ।


कामभाव मिटि जाइ, विषय आशक्ती छूटे।

प्रभु का हर क्षण ध्यान ,गैर का अहित न सूझे।


करू सदा उपकार, चित्त मे द्वेष न उपजै।

कटे मोह का फन्द, जुबां से निकले शिव शिव।


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