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EK SHAYAR KA KHAWAAB

Romance Tragedy Inspirational


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EK SHAYAR KA KHAWAAB

Romance Tragedy Inspirational


शीर्षक---- मुझे खत लिखना है।

शीर्षक---- मुझे खत लिखना है।

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तुम पर मुझे खत लिखना है।

पता नहीं कब, कैसे कहाँ लिखना है।

जब भी लिखना है तुम्हें सन्मुख रखकर लिखना है।।


मुझे तुम पर खत लिखना है।

पता नहीं तुम्हें पास बैठाकर या तुमसे दूर होकर लिखना है।

एक अनजानी ख़ामोशी में लिखना है।

पता नहीं सच में लिखना, झूठ में लिखना है।।


मुझे तुम पर खत लिखना है।।

दुनिया जहाँ से छुप कर लिखना है

या सीना तान के लिखना है।

तुमने जो कसमें दी थी उनके विरूद्ध लिखना है

या उन कसमों की इज़्ज़त रख के लिखना है।।


मुझे तुम पर खत लिखना है।

तुमने जो मुझे छोड़ने से पहले आँसू बहाये थे

उन आँसुओं में कलम को डुबो के लिखना है

या सूख चुकी आँखों के टूटे ख्वाबों से लिखना है।।


मुझे तुम पर खत लिखना है।।

जीने की आस में मर चुके भगत की मौत पर लिखना है

या तेरे छोड़ जाने के गम में हँस के लिखना है।

अब ये तू ही बता तुझे अब कैसे लिखना है।

अब तुझे कैसे??? लिखना है।।


मुझे तुम पर खत लिखना है।।



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