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संदीप सिंधवाल

Inspirational


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संदीप सिंधवाल

Inspirational


शहीदी वेलेंटाइन

शहीदी वेलेंटाइन

1 min 190 1 min 190


यही तो है वो चौदह फरवरी

जिस दिन इंसानियत मरी 

इधर प्रेम सम्मोहन दिन था

उधर बलिदान का दिन था।


हाथ में लिया ये हुआ गुलाब 

आखिर बढ़े भी तो किस तरफ

संवेदनाएं शहीदों के साथ हैं

और कुछ चले, जो उसी तरफ।


हर नौजवान के सीने में एक

जवान के लिए प्यार बसा है

वही सबके वेलेंटाइन सार्थक

हर गुलाब उनकी ओर बढ़ा है।


हर बार जब भी ये दिन आएगा

फिर उपहार और गुलाब पाएगा

आंख नम हों जिनकी बदौलत

उसी आंख से जग देख पाएगा।


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