Be a part of the contest Navratri Diaries, a contest to celebrate Navratri through stories and poems and win exciting prizes!
Be a part of the contest Navratri Diaries, a contest to celebrate Navratri through stories and poems and win exciting prizes!

Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy


4  

Ervivek kumar Maurya

Romance Tragedy


साथ मेरे वफ़ा निभा लेगा

साथ मेरे वफ़ा निभा लेगा

1 min 234 1 min 234

तू दिल का हाल जो सुन लेगा

ये पल आसानी से गुजर जायेंगे


अपनी भी कहेगा और मेरी भी सुनेगा

तो किस्मत के पट खुल जायेंगे


मेरी यादों को जो तू तर कर लेगा

हम लोग बिछड़ के मिल जायेंगे


मुझको जो अपना कर लेगा

हम तो क़यामत से लड़ जायेंगे


आँखों में अश्रु जो छिपा लेगा

तस्वीर तेरी हम बन जायेंगे


गर साथ मेरे वफ़ा को निभा लेगा

तेरे प्यार में हद से गुजर जायेंगे।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Ervivek kumar Maurya

Similar hindi poem from Romance