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Kanchan Prabha

Romance


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Kanchan Prabha

Romance


साहिल

साहिल

1 min 178 1 min 178

 

हम जो खड़े हुये थे समंदर के साहिल पर 

वो भी आ गये फिर दरिया से निकल कर 

पूछा जब कि आपने दिल की गहराई पा लिया

कहने लगे कि तुम बिन ये दिल किस काम का 


हम जो खड़े हुये थे धरा की साहिल पर 

वो भी आ गये फिर आसमां से उतर कर

पूछा जब कि आपने वो शोहरत पा लिया

कहने लगे कि तुम बिन ये ऊँचाइयाँ किस काम की


हम जो खड़े हुये थे आसमान के साहिल पर 

वो भी आ गये फिर धरती को छोड़ कर 

पूछा जब कि आपने तो ब्रह्मांड को पा लिया

कहने लगे कि तुम बिन संसार किस काम का



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