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Anusuya Choudhary

Romance


4  

Anusuya Choudhary

Romance


पास होकर भी दूर हो गए

पास होकर भी दूर हो गए

1 min 231 1 min 231

 पास हो कर भी,

न जाने क्यों दूर हो गए.....

  वक्त के हाथों,

न जाने क्यों मजबूर हो गए....


कुछ गलतियां हमने की,

कुछ खता उनसे हो गई....

था जो रिश्ता चट्टान सा मजबूत,

आज उसकी इमारत क्यों हिल गई... 


जो रूठा यार मेरा,

तो हम उसे मना लेते.....

पर जो बदल गया है,

उस से क्या शिकवा शिकायत करते...


खुश रहे वह सदा,

हमारी दुआओं में वो हमेशा

शामिल रहेगा,


फासले कितने भी आ जाए दरमियान,

उसकी एक आवाज का हमेशा हमें

 इंतजार रहेगा.......

  

           


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