Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!
Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!

Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Inspirational


3  

Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Inspirational


मेहनत

मेहनत

1 min 20 1 min 20

मेहनत में दम है

बाकी सब भ्रम है


जो करते श्रम है

उसके दोस्त हम है


वो सदा रोते है

जो आलसी होते है


मेहनत में दम है

बाकी सब भ्रम है


ख़ुदा की होती नेमत

जो करते है मेहनत


मेहनत करनेवालों की

नभ में उड़ती पतंग है


अच्छे लोग ही करते,

सदा अच्छाई के कर्म है


उनकी होती जीत है

बनते सब मनमीत है


जिनके पास होती है,

सत्य की कसम है


वो ख़त्म करते शब है

जिनका श्रम ही रब है


मेहनत में दम है

बाकी सब भ्रम है


बिना मेहनत के,

मिलता ग़म है


ख़ूब मेहनत करो,

ख़ूब श्रम करो,


श्रम करने से मिलता

मंज़िल का कदम है



Rate this content
Log in

More hindi poem from Vijay Kumar उपनाम "साखी"

Similar hindi poem from Inspirational