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Kanchan Prabha

Abstract Classics Inspirational


4.5  

Kanchan Prabha

Abstract Classics Inspirational


मैं पथ का निर्भिक राही

मैं पथ का निर्भिक राही

1 min 384 1 min 384

पथ के राही

चले बेफिक्र

मंजिले दूर हो 

रास्ते कठिन हो


पथरीली डगर हो

काँटे बिछे हो

चलना है बस 

चलते जाना

रुकना नहीं है


मेरा काम

मै हूँ पथ का 

अडिग वो राही

मै हूँ पथ का 

निर्भय राही


चला हूँ पथ पर 

बढ़ने हेतु

जीवन मे कुछ

करने हेतु


मैं हूँ पथ का 

ऐसा राही

जले ना जो

सुर्य की तपन से

थके ना जो

राह के थकन से

मैं हूँ ऐसा निर्भिक राही।


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