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Pinky Dubey

Abstract

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Pinky Dubey

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क़िस्मत का खेल निराला है

क़िस्मत का खेल निराला है

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क़िस्मत का खेल निराला है

नए दिन में नए रंग दिखलाती है

कभी भी बदल जाती है

मेहनत करना सिखाती है

कभी कभी मेहनत करने पर भी मांग पूरी नही करती है

क़िस्मत कभी बहुत रुलाती है 

तोह कभी बहुत हंसाती है

क़िस्मत कभी भी बदल जाती है

क़िस्मत अपनो से दूर करती है

तोह कभी पास

कभी दिल को तोड़ती है तोह 

कभी पास मैं रखी चीज़ भी दुर कर देती है

कहते है ना किस्मत मैं न हो तोह कितनी भी कोशिश कर लो नही मिलेगा

अगर हो तोह दुर जाने के बाद भी वापिस आ जाएगी क़िस्मत बहुत खेल खेलती है

हर नए दिन मैं नया रंग दिखलाती है।


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