Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Harshita Gupta

Fantasy Others


3  

Harshita Gupta

Fantasy Others


कैसे भूल जाऊं

कैसे भूल जाऊं

1 min 192 1 min 192

कैसे भूल जाऊँ उसे

वो मेरा रात ख्वाब है

मेरे दिन की याद है

भूला तो उसे जाता है 

जिससे आप एक बार मिले हो

वो तो मुझे रोज सपने में मिलता है


कहना आसान है भूल जाओ पर करना मुश्किल है

क्योंकि वो कोई चीज नहीं है

कैसे भूल जाऊँ उससे उसे मेरी परवाह नहीं

तो क्या हुआ मुझे तो है

मैं उसके लिए कुछ नहीं पर

मेरे लिए वो तो बहुत कुछ है ना

वो जिसका भी है बस खुश रहे

क्योंकि सपनों में तो वो सिर्फ मेरा ही है ना


कैसे बता दूँ उससे की मुझे वो पसंद है

क्योंकि उसका तो कोई और हमसफ़र है

दुख ही होगा उससे मेरी बातों का

पर कैसे भूला दूँ उसे

क्योंकि मतलब नहीं है हमारा कोई उनसे

सच है जो भी है

पसंद आती हर चीज अपनी तो नहीं हो जाती

और वो कोई चीज नहीं कैसे भूल जाऊँ उसे ।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Harshita Gupta

Similar hindi poem from Fantasy