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Aditya Srivastav

Abstract Romance


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Aditya Srivastav

Abstract Romance


इश्क़ part 2

इश्क़ part 2

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मैं नटखट लिखूँ, ज़ालिम तुम अपना तिल समझना!!

 मैं नाज़ुक लिखूँ, तुम मासूम सा अपना दिल समझना!!

 मैं ईनाम लिखूँ , तुम अपना मुस्कराना समझना!!

और मैं आग लिखूँ, तुम मुझे साड़ी में दिख जाना समझना!!

तेरे आगोश में ही तुम मेरा संसार समझना!!

जो मैं इश्क़ लिखूँ ....तुम अपना नाम समझना!!


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