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S Ram Verma

Romance


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S Ram Verma

Romance


इश्क़ की ख़्वाहिशें

इश्क़ की ख़्वाहिशें

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वो इश्क़ ही है 

जो अक्सर मुझ से 

हँसी ठिठोली करता है 

खुश रहा करो तुम 

मुझ से अक्सर ही 

वो कहता रहता है 

और कभी-कभी वो 

दिल दुखाने के लिए  

उल्टी-सीधी हरकतें

भी वो कर ही देता है 

वो कुछ अजब सा है 

अपने इश्क़ में वो 

शिद्दतें भी भरता है 

वो मेरे दामन में 

आग भी लगाता है 

फिर खुद ही उसे 

बुझाने के खातिर 

बारिश भी करता है 

दिल में मेरे वो साथ 

जीने और मरने की 

ख़्वाहिशें भी जगाए 

रहता है।


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