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Mahak Saini

Romance


4.5  

Mahak Saini

Romance


हमारी पहली लड़ाई

हमारी पहली लड़ाई

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हमारी पहली लड़ाई 

जिसने मानो सब ख़तम सा कर दिया हो 

तुम्हारे और मेरे बीच, 

पता है पहले मैं तुम्हारे लिए 

सिर्फ दिल से सोचती थी 

लेकिन उस पहली लड़ाई 

के बाद ना सब बदल गया था, 

अब मेने तुम्हारे लिए दिल और दिमाग 

दोनों से सोचना शुरु कर दिया है, 

क्युकी अब मुझे पता है 

कि तुम मुझसे बात किये बिना भी रह सकते हो 

तुम अपने आप को मेरे ना होने पर भी संभाल सकते हो 

तुम पूछते थे कि क्या कर सकती हो मेरे लिए 

और मैं चिलाकर कहती थी जान भी हाज़िर है तुम्हारे लिए 

लेकिन अब जरा सोच में पड़ जाती हूँ 

कुछ जवाब तो नहीं मिल पाता 

लेकिन हाँ अब जान तो नहीं दे पाऊँगी 

ये ही ख्याल सताता है 

मै तो प्यार में डूबी थी 

लगता था की मैं तुम्हारे लिए

 तुम्हारी धड़कन जितनी जरुरी हूँ 

पर उस पहली लड़ाई ने ना मुझे सब समझा दिया था 

मेरी सारी ग़लतफहमी मानो दूर सी कर दी हो 

और उस और उस पहली लड़ाई ने ना 

मेरे दिल में तुम्हारे लिए प्यार भी

मानो कम सा कर दिया हो 

खैर खुदा जाने 

वो लड़ाई अच्छे के लिए थी या बुरे के लिए 

लेकिन शायद फिर कभी में तुम्हारे लिए सिर्फ दिल से

नहीं सोच पाऊँगी।


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