Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Kiran Hatwar

Abstract


2  

Kiran Hatwar

Abstract


हमारा परिवार

हमारा परिवार

1 min 127 1 min 127

परिवार से बड़ा कोई धन नहीं

पिता से बड़ा कोई सलाहकार नहीं।

मां की छाव से बड़ी कोई दुनियां नहीं

भाई से अच्छा कोई भागीदार नहीं।

बहन से बड़ा कोई शुभचिंतक नहीं

पत्नी से बड़ा कोई दोस्त नहीं।



Rate this content
Log in

More hindi poem from Kiran Hatwar

Similar hindi poem from Abstract