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शशि कांत श्रीवास्तव

Abstract


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शशि कांत श्रीवास्तव

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" हे माँ -वीणा वादिनी "

" हे माँ -वीणा वादिनी "

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वर दो हे माँ वीणा वादिनी 

वर दो हे माँ हमें ,

श्वेत वस्त्र में होकर सज्जित 

श्वेत कमल पर होकर आसीन 

हे  हँस वाहिनी  माँ 

ऐसा वर दो हे माँ हमें ,

रहें -सदा हम मुक्त 

कलुषित और दूषित विचारों से 

और चलें हम सत्य की राह पर 

मुक्त करो हे माँ तुम ,

अज्ञान और अहंकार के 

अंधकार को इस धरा से 

और जला दो ज्ञान प्रकाश का 

वीणा के इन झंकृत तारों से माँ 

करो,

स्वीकार मेरी प्रार्थना को तुम माँ 

वर  दो  हे  माँ  वीणा वादिनी 

वर  दो  हे  माँ  वीणा वादिनी ।।



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