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Sonam Kewat

Abstract


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Sonam Kewat

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घर ही स्वर्ग

घर ही स्वर्ग

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उनके कंधों पर बैठकर दुनिया देखी है मैंने 

उनके परछाइयों में रहकर खुशियां देखी है मैंने 

बहुत देखे होंगे हीरो फिल्मों में परदे पर लेकिन

घर में रहकर उनमें हीरो की खूबियां देखी है मैंने 


उनके पास मानों कहानियों का कोई खजाना है 

खुद देर तक जागकर हमें वक्त पर सुलाना हैं

वो जो लोगों में अपनी खुशियां ढूंढते रहते हैं

हमारी खुशियों का वो ही तो एक ठिकाना हैं


वो खुद के लिए कभी भी कुछ करते ही नहीं 

लाख दुख हो दिल में पर हमसे कहते हीं नहीं 

हम घबरा जातें हैं नाजुक हालातों में अक्सर

पर एक वो हैं जो कभी भी डरते ही नहीं 


वो पिता ही है जो एक परिवार बनाता है 

खुद से बेहतर बच्चों का भविष्य बनाता है

मौत के बाद जन्नत नसीब हो या ना हो पर

माता-पिता हो तो घर ही स्वर्ग बन जाता है.



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