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Uma Pathak

Inspirational


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Uma Pathak

Inspirational


चांद का कसूर

चांद का कसूर

1 min 275 1 min 275

चांद का कसूर देखो

खुद अंधेरे में रहकर

दूसरों को रोशनी में रखा

जिस दिन रूठ जाता

उस दिन अंधेरा छा जाता।


किसी दिन छोटा

किसी दिन बड़ा होकर

अपना रूप बदल कर

दूसरों को सिखाता।


हम चाहे जिस हाल में

इस हाल में खुश रहना सीखें

परेशानी तो सबको आती है

इसका मतलब यह नहीं कि

हम हार मान ले।


हम जीत रहे हैं तो

इसका गुमान कर ले

सीखो उस चांद से

अमावस्या की रात

अंधेरी पूर्णिमा की रात

रोशनी क्यों होती है।


यह सबक मिलता

कभी खुशी कभी गम

परेशानी सबको आती।


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