Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

UMA PATIL

Romance


2  

UMA PATIL

Romance


चाहत

चाहत

1 min 339 1 min 339

तुम्हें मेरी फ़िक्र नहीं

इसलिए, 

मैं भी करती कभी

तुम्हारा ज़िक्र नहीं


हमेशा रहो तुम खुश 

यहीं मैं दिल से चाहती हूं

यहीं दुआ मैं रब से

हर रोज़ माँगती हूं


चाहत में हो तुम

एहसासों में तुम

नजारों में तुम

जहान में तुम


तुम हर जगह हो

सिर्फ मेरे पास नहीं...


Rate this content
Log in

More hindi poem from UMA PATIL

Similar hindi poem from Romance