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Shyam Kunvar Bharti

Romance


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Shyam Kunvar Bharti

Romance


भोजपुरी गजल – इश्क के दिया |

भोजपुरी गजल – इश्क के दिया |

1 min 207 1 min 207


दिल में उठत ना दरद हमके तू आपन कहले रहतू।

तरप दिल हाथ थमले ना रहती तू आपन मनले रहतू।

उठाईके नजर मगर हमरा देखलु ना कबों दिल टुटल।

भटकत ना ई दिल तोहरा खातिर अँचरा जे बंधले रहतू।

बिना तोहरे निक लागेना केहु मन पागल अब तोहसे।

शरमा जइति अफ़सरा नैना काजर तू जे लगवले रहतू।

आ जईबु जहिया बंजर दिल के परति जमीन प तू।

पतझड़ बेजान बाग में मोहब्बत के फूल खिलवले रहतू।

सगरो मचल तबाही ई कइसन समय आ गईल बा।

धरत ना केहु कोरोना मुंह मास्क लगावे बतवले रहतू।

रही ना हरदम ई आफत समय के साथ इहों चली जाई।

 बचल रहती हर नजर से दिल आपन तू बसवले रहतू।

कटी ना ई जिनगी बिना तोहरे आजा तोहसे निहोरा बा।

अंजोर होत अन्हार असियां इश्क दिया तू जरवले रहतू।



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