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बचपन का गुज़रा जमाना याद आता है

बचपन का गुज़रा जमाना याद आता है

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बचपन का 

वो गुज़रा जमाना 

याद आता है,


दादी-नानी का वो 

किस्सा पुराना 

याद आता है।


सर्दियों में माँ के 

हाथों से 

बनाया गया स्वेटर,

 

आज भी

मन को 

भाता है।


गलती करने पे 

डैड का डांटना-चिल्लाना 

औऱ माँ का उन्हें 

समझाना याद 

आता है।


लेट क्लास पहुंचने पर 

टीचर का गुस्सा 

करना औऱ 

पनिशमेंट देना 

याद आता है।

 

बचपन का 

वो गुज़रा जमाना 

याद आता है !


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