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Anita Bhardwaj

Inspirational

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Anita Bhardwaj

Inspirational

आत्मबल

आत्मबल

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हंसी किलकारियां ओझल सी

सुनते केवल उच्छवास हैं

है जहर सा घुला हवाओं में,

भारी लगती हर सांस है।


जीवन पतझड़ सा बीत रहा

दुर्लभ लगता मध्मास है

मायूसियों की आंधियों में

मरती जाती हर आस है


मानव तू केवल पराजित नहीं

शूर है!योद्धा है!प्रखर है!प्रभास है!

जो आत्मबल से जीते नैराश्य को

वही मानव लिखता इतिहास है।


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