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Apurba Mondal

Romance


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Apurba Mondal

Romance


आंसुओं की बरसात

आंसुओं की बरसात

1 min 302 1 min 302

 तुझे ढूंढते ढूंढते 

 पता नहीं कब मैं खो गया।

 और तेरी सहारा होने के लिए

 मैं खुद बेसहारा हो गया।


 बदलाव आ गया था

 खुशियां छा गया था।

 जब तू पास थी तब

 आंसुओं भी मुस्कुराता था।


 मेरे अनुभूतियों को तू समझती नहीं

 आंसुओं भी तुझे दिखाई नहीं देता है।

 हां मैं शांत हूं पर खुश नहीं

मन के अंदर हमेशा बरसात होता है।


हम दोनों के बीच

फर्क सिर्फ इतना ही की

मैं तेरी जिंदगी का एक हिस्सा हूं

और तू मेरा पूरा जिंदगी।


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